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Wednesday, 8 February 2012

Bhabhi ki chudai.......Sexy Bhabhi ki chudai





 
Bhabhi mera lund sahlane lagi. Thodi der baad wo boli, aaj to wo ho gaya jo ki nahin hona chahiye tha. Maine kaha, maine aisa kya kar diya. Wo boli, tune mujhe apna lund dikha kar aaj mujhe pagal sa kar diya. Maine kaha, maine to nahin dikhaya tha. Wo boli, tera nekar hi itna chhota aur dheela tha ki mujhe tera lund dikhayi de gaya. Main apne aap ko kabu mein nahin rakh payi isi liye maine tujhse pair ki dobara malish karne ke liya kaha tha. Main tera lund dekhna chahti thi kyon ki mujhe tera lund bahut hi lamba aur mota dikh raha tha. Maine kaha, ab to dekh liya na. Wo boli, haan, dekh bhi liya aur pasand bhi kar liya. Maine kaha, ab kya irada hai. Wo boli, tu bhi wahi kar jo tere bhaiya mere saath karte the. Maine kaha, ye theek nahin hai. Wo boli, kya theek hai kya nahin, main kuchh nahin janti. Agar tu mere saath nahin karega to main mar jaungi. Maine puchha, main tumhare saath kya karoon. Wo boli, jo tere bhaiya mere saath karte the. Maine kaha, maine to kabhi dekha hi nahin ki bhaiya tumhare saath kya karte the. Bhabhi ne mere galon ko jor se kat liya aur boli, ab chod de mujhe. Maine kaha, dard hoga. Wo boli, to main kya karoon, hone de. Jo hoga dekha jayega. Maine kaha, tum meri bhabhi ho, main tumhein kaise chod sakta hoon. Bhabhi ka to josh ke mare bura haal tha. Wo boli, tu mujhe nahin chodega lekin main to tujhe chod sakti hoon. Maine kaha, phir tum hi chodo.

Mera lund phir se khada ho chuka tha. Bhabhi mere upar aa gayi. Unhone mere lund ke supade ko apni chut ke beech rakha aur dabane lagi. Unke chehre par dard ki jhalak saaf dikh rahi thi phir bhi wo ruki nahin. Mera lund dheere dheere unki chut mein ghusta hi ja raha tha. Unki chut bahut hi tight thi. Unhone dabana jari rakha to thodi hi der mein unki aankhon mein aansoo bhi aa agye. Maine puchha, kya hua. Wo bo
dard bahut ho raha hai. Maine kaha, phir ruk jao na, kyon itna dard bardast kar rahi ho. Wo boli, main pagal ho gayi hoon. Ab tak mera lund bhabhi ki chut mein 7" tak ghus chuka tha. Dard ke mare bhabhi ka bura haal ho raha tha. Tabhi wo apne badan ka saara jor dete huye achanak mere lund par baith gayi. Mera poora ka poora lund unki chut mein sama gaya. Unke muh se jor ki cheekh nikli. Unka saara badan thar thar kanpne laga. Unke chehre par pasina aa gaya. Unki sansein bahut tej chal rahi thi.

Wo mere upar let gayi aur mere hothon ko choomne lagi. Main unki kamar aur chutad ko sahlane laga. Tabhi mujhe badmashi soojhi. Maine unki gaand ke chhed par apni ungli phirani shuru kar di to unhein maza aane laga. Achanak maine apni ungli unki gaand mein dal di to unhone jor ki siskari li aur boli, badmash kahin ka. Pahle to kah raha tha ki tum meri bhabhi ho, main tumhein kaise chod sakta hoon. Ab meri gaand mein ungli dal raha hai. Kya main ab teri bhabhi nahin rah gayi. Maine kaha, bilkul nahin, ab to tumne mera lund tumne apni chut mein dal liya hai. Ab tum meri bhabhi nahin rah gayi ho. Wo boli, phir main ab teri kya lagti hoon. Maine kaha, biwi. Wo boli, phir chod de na apni biwi ko. Kyon tarsa raha hai mujhe. Ab to maine tera poora ka poora lund apni chut ke andar le liya hai. Meri ungli abhi bhi bhabhi ki gaand mein thi. Maine phir shararat ki aur kaha, main tumhein ek hi shart par chod sakta hoon. Wo boli, kaisi shart. Maine kaha, main tumhari gaand bhi marunga. Wo boli, apni biwi se bhi puchhna padta hai kya. Maine kaha, mujhe nahin maloom. Wo boli, tere bhaiya ne to mujhse kabhi nahin puchha, jab bhi unka man kiya unhone meri chudayi ki aur jab unka man hua to unhone meri gaand bhi mari. Maine kaha, iska matlab tum bhaiya se gaand bhi marwa chuki ho. Wo boli, to kya hua, maza to dono mein hi aata hai. Ab mujhe jyada mat parshan kar, chod de na. Maine kaha, thoda sa tum chodo phir thoda sa main chodunga. Wo boli, theek hai, baba.

Bhabhi ne dheere dheere dhakke lagane shuru kar diye to unke muh se cheekh nikalne lagi. Maine puchha, ab kya hua. Wo boli, dard ho raha hai. Maine puchha, kyon, ab to poora andar le chuki ho. Wo boli, andar lene se kya hota hai. Meri chut abhi tere lund ke size ki thode hi huyi hai. Maine puchha, mere lund ki size ki kaise hogi. Wo boli, jab tu mujhe kayi baar chod dega tab. Wo dheere dheere dhakke lagati rahi. Maine puchha, tumhari chut ko chauda karne ke liye mujhe kitni baar chodna padega. Wo boli, ye to tere upar hai ki tu kis tarah se meri chudayi karta hai. Maine puchha, kya ek baar mein bhi ho sakta hai. Wo boli, bilkul ho sakta hai, agar tu mujhe pahli baar mein hi kam se kam 1 ghante chod sake to. Lekin main janti hoon ki tu aisa nahin kar payega. Maine puchha, kyon. Wo boli, tune kabhi kisi ko pahle choda hai. Maine kaha, nahin. Wo boli, to phir tu 10 min se jyada rukega hi nahin. Maine kaha, rukunga kyon nahin. Wo boli, tujhe meri chudayi kerne mein josh jyada aa jayega is liye.

Bhabhi ko dhakke lagate huye lagbhag 10 min
ho chuke the aur wo is dauran 1 baar jhad bhi chuki thi. Tabhi mere lund ka juice nikal pada aur saath hi saath wo bhi phir se jhad gayi.










लंड को उसकी चूत के मुँह पर रखा और थोड़ा जोर लगाया तो मेरा लंड उसकी पानी से भरी हुई चूत में बस एक इंच अन्दर गया और मुझे दर्द होने लगा।






 मैंने कहा- विक्की का लण्ड इतना बड़ा नहीं है क्या ?
तो वो बोली- यदि विक्की का लंड इतना बड़ा होता तो मुझे तुम्हारे पास आने की क्या जरुरत थी !
मैं समझ गया कि वो उसकी प्यास नहीं बुझा पाया है। उसके बाद उसने आधे घंटे तक मेरे लण्ड को मुँह से चूसा। मुझे लगा कि कुछ निकलने वाला है। जब मैंने उससे कहा तो वो बोली- मेरे मुँह में ही निकाल दो !
और मैंने उसके मुँह में सारा माल निकाल दिया और वो सारा का सारा माल पी गई, फिर भी उसने मेरे लंड को चूसना बंद नहीं किया। दस मिनट बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया तो मैं बोला- इस बार भी मुँह में निकालने का इरादा है?
तो वो शरमा कर बोली- नहीं ! इस बार मैं तुम्हें जन्नत की सैर करवाउंगी !
और उसने मेरे पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया। मेरा लण्ड आपे से बाहर हो रहा था तो मैंने कहा- और कण्ट्रोल नहीं होता !
तो वो नीचे लेट गई और अपनी टांगें फैला दी और मुझे ऊपर आने को कहा। मैं ऊपर आ गया, उसकी दोनों टांगों के बीच में बैठ गया तथा लंड को उसकी चूत के मुँह पर रखा और थोड़ा जोर लगाया तो मेरा लंड उसकी पानी से भरी हुई चूत में बस एक इंच अन्दर गया और मुझे दर्द होने लगा।
मैं रुक गया तो वो बोली- क्या हुआ? मैंने कहा- दर्द हो रहा है !
वो बोली- पहली बार तो थोड़ा दर्द होगा ही ! दुबारा कोशिश करो !
मैंने हिम्मत करके दुबारा लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक जोरदार धक्का लगाया। इस बार लंड 4-5 इंच अन्दर चला गया पर मुझे दर्द होने लगा। मैंने जैसे ही लण्ड बाहर निकालना चाहा तो उसने मुझे कस के पकड़ लिया और अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होटों को चूसने लगी।
थोड़ी देर में मुझे मजा आने लगा, मेरा दर्द कम हो गया और मैं धीरे धीरे अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा। 5-6 धक्कों में लंड पूरा अन्दर चला गया और वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी- हाय मैं मर गई ! मुझे और तेज चोदो !
मुझे भी मजा आने लगा और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। लगभग 15 मिनट बाद मैं झड़ गया और सारा माल उसकी चूत में ही निकाल दिया।
वो धीरे-धीरे मुस्कुराने लगी और बोली- आज मुझे असली मजा आया है ! आज के बाद मैं तुम्हारी हूँ ! तुम जब चाहो मुझे चोद सकते हो ! मेरी चूत हर वक़्त तुम्हारी राह देखेगी !
और उसके बाद उसने अपने कपड़े पहने और अपनी हालत ठीक करके चली गई। जाते-जाते उसने मुझे एक बहुत लम्बी किस करी और बोली- मैं हर वक़्त तुम्हारे लण्ड का इन्तजार करुँगी।
उसके बाद मैंने अपने कपड़े पहने और सोचने लगा- क्या सच में मैंने उसे चोदा है? मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा था कि मैंने प्रीति को चोदा है।


यह तो बहुत मोटा लंड है और बड़ा है शायद मेरी कलाई से भी ज्यादा मोटा है।


 मैं उसके ऊपर लेट गया और उसे चूमने लगा। एक हाथ से उसकी कमर को पकड़े रखा और दूसरे से उसकी चुच्ची मसलने लगा। उसे थोड़ी राहत मिली। अब वो मजे लेने लगी। मैंने मौका देख कर जोर लगाया और मेरा लंड आधे से ज्यादा अंदर चला गया।

उसकी झिल्ली फट चुकी थी।

वो चिल्लाई और मुझसे बाहर निकालने की मिन्नतें करने लगी। पर ऐसे में लंड को बाहर निकालने का मतलब था सारे किये कराये पर पानी फेरना। उसकी चूत घायल रह जाती और अगले कई दिनों तक उसमे वो उंगली भी घुसाने नहीं देती।

मैंने उसे प्यार से समझाया,"जान, थोड़ा सा बर्दाश्त करो। यकीन करो मेरा, बस थोड़ी देर में बहुत मजा आने लगेगा।"

वो चुप तो हो गई पर उसके आँखों के आंसू उसका दर्द बयान कर रहे थे। मैंने अपना ध्यान उसके मम्मों पर लगाया और उन्हें जोर जोर से चूसने लगा। दूसरे हाथ से उसके दूसरे मम्मे को मसलने लगा। मैंने उसके चुचूक को दांतों से काटा तो वो मचल उठी और सी सी की आवाज़ निकालने लगी। अब उसे मजा आने लगा था। उसने अपनी गाण्ड उठा कर चुदाई शुरू करने का आगाज़ किया और मैं धीरे धीरे अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा।

उसे अब बहुत मजा आ रहा था। अपनी गांड उचका उचका कर वो मेरा साथ देने लगी। एक बार उसने नीचे से जोर लगाया और मैंने ऊपर से। और लंड पूरा का पूरा उसकी चूत में समा गया।

क्या गजब का एहसास था। उस अनुभूति के सामने सारे सुख बेकार लगे। इससे बेहतर जन्नत क्या हो सकती है भला। दोनों की मस्ती चरम पर थी और अब मैंने उसे पीठ के नीचे से जकड़ लिया और अपने सीने से चिपका लिया।

उसने भी मुझे ऊपर से पकड़ लिया और जोश में एक हाथ से मेरे बाल खींचने लगी। मैंने गति बढ़ा दी और जोर जोर से धक्के देने लगा। वो भी सी सी की आवाज़ निकालने लगी और मेरा साथ देने लगी। हम अब मस्ती में एक दूसरे से बातें करने लगे।

"मेरी जान आज तुम्हे अपना बना कर जन्नत पा ली।"

"जानू मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि चुदाई में इतना मजा आता है।"

उसके मुँह से निकले चुदाई शब्द ने मेरी जुबान का ताला खोल दिया। मैं शुरू हो गया।

"अरे मेरी रानी। मेरी जान। अभी तुमने देखा ही क्या है। चुदाई की कला तो ऐसी है कि जितने प्रयोग करो और जितनी बार करो, एक नया ही आनंद मिलता है।"

"वाह क्या चूत है तेरी मेरी रानी। आज तो मैं तुम्हारी चूत का भोंसड़ा बना दूंगा !"

"जानू, जम कर चोद मुझे। बना दे भोसड़ा मेरी कुंवारी चूत का। जोर से चोद मुझे। और जोर से.... और जोर से चोद..... जी कर रहा है खा जाऊं तेरे लौड़े को !"

"अरे जानेमन लंड खा जायेगी तो फिर चुदेगी कैसे ? अभी तो तुझे बहुत चोदना है मुझे। अभी तेरी गांड भी फाड़नी है। तेरे चूत का भूत उतारना है। कहाँ छुपी थी रे जानेमन अब तक। ऐसी दहकती जवानी को क्यूँ छुपा रखा था। अब देख तुझे चोद चोद कर तेरे रूप को और कैसे निखारता है मेरा मोटा लंड !"

"ओह लगता है बड़ा घमंड है लंड पे तुझे। चोद मुझे ! कितनी देर तक चोदता है !"

"अरे जान हर आदमी को अपने लंड पर घमंड होता है। फिर मेरा लंड तुझे भी तो इतना भा रहा है ?"

जोरदार चुदाई जारी थी। उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था पर अब भी वो मेरा साथ पूरे जोश के साथ दे रही थी। फच्च फच्च के साथ पूरा वातावरण गर्म था।

"हाँ जानू बड़ी ज़ालिम लंड है तेरा। मेरे चूत का कीमा बना दिया रे। जी करता है यूँ ही चुदती रहूँ तुझसे जिंदगी भर। पहले क्यूँ नहीं चोदा यार और जोर से धक्का मार !"

"ये ले !" कह कर मैंने भी धक्का मारा।

"चोद जान.... जोर से चोद !"

अब मैं अवस्था बदलना चाहता था। वो शायद इसे भांप गई।

मैं जैसे ही उतर कर नीचे लेटा वो मेरे ऊपर आ कर बैठ गई और मेरा लंड पकड़ कर अपने चूत के द्वार पर लगा लिया। दोनों ने धक्के लगाये और लंड चूत में धंस गया।

वो उछल-उछल कर मजे लेने लगी और मुझे भी स्वर्ग का सुख देने लगी। मैंने दोनों हाथ से उसकी चुच्चियाँ पकड़ लीं और उन्हें मसलने लगा।

लगभग 15 मिनट ऐसे ही चुदाई चली फिर मैंने उसे खींच कर अपने ऊपर लिटा लिया औए नीचे से धक्के देने लगा और उसके होंठो को चूसने लगा। 5 मिनट ऐसे ही बीते।

चूँकि मैं पहले ही एक बार झड़ चुका था इसलिए ये दौर तो लंबा चलना ही था। मेरा रिकॉर्ड रहा है कि दूसरी पारी मैंने हमेशा कम से कम 25-30 मिनट की तो खेली ही है।

खैर अपनी पहली चुदाई इतनी लंबी होने पर कोमल बहुत संतुष्ट दिख रही थी।

पर अब चुदाई महायज्ञ में पूर्णाहुति देने का समय था। मैंने उसे घोड़ी बन जाने को कहा और मैंने उसकी चूत में पीछे से लंड का प्रवेश करा दिया। मैंने उसकी कमर पकड़ी और जोर जोर से धक्के देने लगा। वो मस्ती में बड़बड़ाने लगी। मैंने भी जोश में अपनी गति बढ़ा दी। हम दोनों का रोम रोम काम की ज्वाला से धधकने लगा।

"ले गया लंड तेरी चूत के अंदर तक ! ले अब इसे संभाल मेरी जान। अब ये ले ! और तेज ले ! ये ले !"

"चोद रे मेरे राजा ! और जोर से धक्के मार ! फाड़ के रख दे अपनी जान की चूत को ! आह..... कितना मजा आ रहा है ! गिरा दे अपना सारा माल चूत में !"

मेरी स्पीड से उसे अंदाज़ा हो गया था कि अब मैं झड़ने वाला हूँ। वो दो बार पहले ही झड़ चुकी थी। और फिर मेरा लंड चूत की गहराइयों में जा गड़ा और वीर्य की आहूति पूर्ण हो गई।

मैं उसके ऊपर निढाल हो गया।